NAI SUBEH

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इन्दिरा प्रियदर्शिनी गाँधी

इन्दिरा का जन्म 19 नवम्बर 1917 को राजनीतिक रूप से प्रभावशाली नेहरू परिवार में हुआ था।इनके पिता जवाहरलाल नेहरू और इनकी माता कमला नेहरू थीं। इन्दिरा को उनका “गांधी” उपनाम फिरोज़ गाँधी से विवाह के पश्चात मिला था। इनका मोहनदास…

लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल

आज देश लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ( Sardar Vallabhbhai Patel ) की 145वीं जयंती मना रहा है। हिन्दुस्तान को आजादी मिलने के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल की पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने में महत्वपूर्ण भूमिका रही।…

कैकेयी का कोपभवन में जाना

दोहा : बड़ कुघातु करि पातकिनि कहेसि कोपगृहँ जाहु।काजु सँवारेहु सजग सबु सहसा जनि पतिआहु॥22॥॥   भावार्थ:-पापिनी मन्थरा ने बड़ी बुरी घात लगाकर कहा- कोपभवन में जाओ। सब काम बड़ी सावधानी से बनाना, राजा पर सहसा विश्वास न कर लेना…

सरस्वती का मन्थरा की बुद्धि फेरना, कैकेयी-मन्थरा संवाद, प्रजा में खुशी

दोहा : नामु मंथरा मंदमति चेरी कैकइ केरि।अजस पेटारी ताहि करि गई गिरा मति फेरि॥12॥   भावार्थ:-मन्थरा नाम की कैकेई की एक मंदबुद्धि दासी थी, उसे अपयश की पिटारी बनाकर सरस्वती उसकी बुद्धि को फेरकर चली गईं॥12॥   चौपाई :…

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा

द्वादश ज्योतिर्लिंगों में यह अंतिम ज्योतिर्लिंग है। इसे घुश्मेश्वर, घुसृणेश्वर या घृष्णेश्वर भी कहा जाता है। यह महाराष्ट्र प्रदेश में दौलताबाद से बारह मील दूर वेरुळ गाँव के पास स्थित है।  > इस ज्योतिर्लिंग के विषय में पुराणों में यह…

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की कथा

इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान्‌ श्रीरामंद्रजी ने की थी। स्कंदपुराण में इसकी महिमा विस्तार से वर्णित है। इसके विषय में यह कथा कही जाती है- जब भगवान्‌ श्रीरामंद्रजी लंका पर चढ़ाई करने के लिए जा रहे थे तब…

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा

भगवान्‌ शिव का यह प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग गुजरात प्रांत में द्वारकापुरी से लगभग 17 मील की दूरी पर स्थित है। इस पवित्र ज्योतिर्लिंग के दर्शन की शास्त्रों में बड़ी महिमा बताई गई है। कहा गया है कि जो श्रद्धापूर्वक इसकी उत्पत्ति…

बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की कथा

यह ज्योतिर्लिंग बिहार प्रांत के सन्थाल परगने में स्थित है शास्त्र और लोक दोनों में उसकी बड़ी प्रसिद्धि है। इसकी स्थापना के विषय में यह कथा कही जाती है- एक बार राक्षसराज रावण ने हिमालय पर जाकर भगवान्‌ शिव का…

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा

यह ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र प्रांत में नासिक से 30 किलोमीटर दूर पश्चिम में स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना के विषय में शिवपुराण में यह कथा वर्णित है-   > एक बार महर्षि गौतम के तपोवन में रहने वाले ब्राह्मणों की पत्नियाँ…

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग की कथा

यह ज्योतिर्लिंग उत्तर भारत की प्रसिद्ध नगरी काशी में स्थित है। इस नगरी का प्रलयकाल में भी लोप नहीं होता। उस समय भगवान्‌ अपनी वासभूमि इस पवित्र नगरी को अपने त्रिशूल पर धारण कर लेते हैं और सृष्टिकाल आने पर…