NAI SUBEH

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नवरात्रि: माता कात्यायनी

नवरात्री  दुर्गा पूजा छठा तिथि – माता कात्यायनी की पूजा : माँ दुर्गा के छठे रूप को माँ कात्यायनी के नाम से पूजा जाता है। महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर उनकी इच्छानुसार उनके यहां पुत्री के रूप में…

नवरात्रि: स्कंदमाता

नवरात्री  दुर्गा पूजा पंचमी तिथि – स्कंदमाता की पूजा माँ दुर्गा का पंचम रूप स्कन्दमाता के रूप में जाना जाता है। भगवान स्कन्द कुमार (कार्तिकेय)की माता होने के कारण दुर्गा जी के इस पांचवे स्वरूप को स्कंद माता नाम प्राप्त…

द्वितीय सोपान-मंगलाचरण

यस्यांके च विभाति भूधरसुता देवापगा मस्तकेभाले बालविधुर्गले च गरलं यस्योरसि व्यालराट्।सोऽयं भूतिविभूषणः सुरवरः सर्वाधिपः सर्वदाशर्वः सर्वगतः शिवः शशिनिभः श्री शंकरः पातु माम्‌॥1॥   भावार्थ:-जिनकी गोद में हिमाचलसुता पार्वतीजी, मस्तक पर गंगाजी, ललाट पर द्वितीया का चन्द्रमा, कंठ में हलाहल विष…

श्री रामचरित्‌ सुनने-गाने की महिमा

दोहा : राम रूपु भूपति भगति ब्याहु उछाहु अनंदु।जात सराहत मनहिं मन मुदित गाधिकुलचंदु॥360॥   भावार्थ:-गाधिकुल के चन्द्रमा विश्वामित्रजी बड़े हर्ष के साथ श्री रामचन्द्रजी के रूप, राजा दशरथजी की भक्ति, (चारों भाइयों के) विवाह और (सबके) उत्साह और आनंद…

बारात का अयोध्या लौटना और अयोध्या में आनंद

चली बरात निसान बजाई। मुदित छोट बड़ सब समुदाई॥रामहि निरखि ग्राम नर नारी। पाइ नयन फलु होहिं सुखारी॥4॥   भावार्थ:-डंका बजाकर बारात चली। छोटे-बड़े सभी समुदाय प्रसन्न हैं। (रास्ते के) गाँव के स्त्री-पुरुष श्री रामचन्द्रजी को देखकर नेत्रों का फल…

श्री सीता-राम विवाह, विदाई

छन्द : चलि ल्याइ सीतहि सखीं सादर सजि सुमंगल भामिनीं।नवसप्त साजें सुंदरी सब मत्त कुंजर गामिनीं॥ कल गान सुनि मुनि ध्यान त्यागहिं काम कोकिल लाजहीं।मंजीर नूपुर कलित कंकन ताल गति बर बाजहीं॥   भावार्थ:-सुंदर मंगल का साज सजकर (रनिवास की)…

नवरात्रि: माता कूष्माण्डा

नवरात्री  दुर्गा पूजा चौथे तिथि – माता कूष्माण्डा की पूजा : मां दुर्गा के नव रूपों में चौथा रूप है कूष्माण्डा देवी का।  दुर्गा पूजा के चौथे दिन देवी कूष्माण्डा जी की पूजा का विधान है।  देवी कूष्माण्डा अपनी मन्द मुस्कान से अण्ड…

जीवन में दोनों आवश्यक हैं। कभी मौन रहना, और कभी मुस्कुराना

कभी हमें अपने से छोटे लोगों के साथ व्यवहार करना पड़ता है, और कभी बड़े लोगों के साथ। जिन जिन लोगों के साथ हम व्यवहार करते हैं, वे लोग कभी हमारे साथ न्याय पूर्ण व्यवहार करते हैं और कभी अन्याय…

पंचदेवों में शामिल हैं देवी दुर्गा, इनकी पूजा रोज करनी चाहिए

अभी आश्विन मास की नवरात्रि चल रही है। देवी पूजा का ये उत्सव 25 अक्टूबर तक चलेगा। देवी दुर्गा पंचदेवों में से एक हैं। गणेशजी, शिवजी, विष्णुजी, सूर्यदेव और देवी दुर्गा, ये पंचदेव माने गए हैं। इनकी पूजा रोज करने…

नवरात्रि: माता चंद्रघंटा

नवरात्री  दुर्गा पूजा तीसरे तिथि – माता चंद्रघंटा की पूजा देवी दुर्गाजी की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है. दुर्गा पूजा के तीसरे दिन आदि-शक्ति दुर्गा के तृतीय स्वरूप माँ  चंद्रघंटा की पूजा होती है.  देवी चन्द्रघण्टा भक्त को सभी प्रकार की…