NAI SUBEH

NAI SUBEH

यह वह प्रसिद्ध आरती है जो देश भर में शिव-भक्त नियमित गाते हैं

ॐ जय शिव ओंकारा यह वह प्रसिद्ध आरती है जो देश भर में शिव-भक्त नियमित गाते हैं.. लेकिन, बहुत कम लोग का ही ध्यान इस तथ्य पर जाता है कि… इस आरती के पदों में ब्रम्हा-विष्णु-महेश तीनो की स्तुति है..…

समय कि गड़ना

वर्ष ,■ 100 वर्ष = 1 शताब्दी■ 10 शताब्दी = 1 सहस्राब्दी ,■ 432 सहस्राब्दी = 1 युग■ 2 युग = 1 द्वापर युग ,■ 3 युग = 1 त्रैता युग ,■ 4 युग = सतयुग■ सतयुग + त्रेतायुग +…

क्या होगी आपकी राय?

Think….. this small situation based story can give you a lesson for your life. आप पसीने से तर बतर हैं। बहुत प्यासे, पर कहीं भी पानी नहीं मिल सकता है। ऐसे में आप वृक्ष की छाया में थकान मिटाने के…

टुकड़े-टुकड़े बिखर जाता हिन्दुस्तान अगर न होते सरदार

वर्ष 2004 की बात है , कक्षा चार का एक विद्यार्थी बालक जो कि हरदम मस्ती में रहता है। सचिन से लेकर शक्तिमान तक उसकी अपनी अलग दुनिया है। एक दिन उसको नैतिक शिक्षा की कक्षा में “भारत के महापुरुष…

जिसे ‘गानेवाली’ कहकर दुनिया दुत्कारती रही, उसी पांचवी पास गंगूबाई को 4 विश्वविद्यालयों ने दिया डॉक्टरेट

रात के साढ़े बारह बजे थे, मशहूर गायिका गंगु बाई हंगल सोने जा चुकी थीं, तभी दो टेलीग्राम आये, एक, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी का था और दूसरा बाबू जगजीवन राम का। दोनों ही टेलीग्रामों में उन्हें बधाई दी गयी…

जब 501 रूपये में बिका भारत में बना पहला नमक का पैकेट

आज़ादी के संघर्ष में महात्मा गाँधी और उनके आंदोलनों के योगदान के बारे में अक्सर चर्चा होती है। सत्य, अहिंसा और जन-सेवा के आदर्शों पर आजीवन चलने वाले गाँधी जी के शांत और अहिंसात्मक अभियानों ने न सिर्फ़ पूरे भारत…

कुछ ऐसा हुआ करता था लाल किले में मुग़लों का जीवन

लाल किले की प्राचीर पर फहराता तिरंगा कितना बुलंद मोटिफ है न हमारे लोकतंत्र का। नेहरू से मोदी तक के आज़ाद भारत के सफर का गवाह। यही वो ”किला-ए-मुबारक” है, जो आज़ादी की हुंकार भरने वाले 1857 के गदर के…

गामा पहलवान: कद कम बता कर जिसे किया टूर्नामेंट से बाहर, उसी ने जीता ‘रुस्तम-ए-जहाँ’ का ख़िताब

अगर आप बड़ौदा के संग्रहालय में गए हैं तो वहां बड़े ही प्यार से सहेज कर रखा गया 1200 किलो का पत्थर तो ज़रूर देखा होगा। एक नज़र में तो सभी लोग यही सोचते हैं कि आख़िर इस पत्थर को…

लाल बहादुर शास्त्री : भारत के पहले ‘एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’

21 दिसंबर, 2018 को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के तत्कालीन प्रमुख मीडिया सलाहकार संजय बारू के संस्मरणों की किताब ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पर आधारित इसी नाम की फ़िल्म रिलीज़ हुई थी। यह फ़िल्म मनमोहन सिंह के कार्यकाल (2004-2014) के इर्द-गिर्द…

दूरदर्शन के ‘टर्निंग पॉइंट’ प्रोग्राम से विज्ञान को गाँव-गाँव तक पहुँचाने वाले वैज्ञानिक

मशहूर वैज्ञानिक प्रोफेसर यश पाल को जितना विज्ञान के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए याद किया जाता है, उतना ही विज्ञान को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए। इसलिए उन्हें ‘द पीपल्स साइंटिस्ट’ कहा जाता है। प्रोफेसर पाल, एक वैज्ञानिक,…