NAI SUBEH
निषाद की शंका और सावधानी

चौपाई : सई तीर बसि चले बिहाने। सृंगबेरपुर सब निअराने॥समाचार सब सुने निषादा। हृदयँ बिचार करइ सबिषादा॥1॥ भावार्थ:-रात भर सई नदी के तीर पर निवास करके सबेरे वहाँ से चल दिए और सब श्रृंगवेरपुर के समीप जा पहुँचे। निषादराज…
