NAI SUBEH

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भगवान्‌ का वरदान

भगवान्‌ का वरदान दोहा : जानि सभय सुर भूमि सुनि बचन समेत सनेह।गगनगिरा गंभीर भइ हरनि सोक संदेह॥186॥   भावार्थ:-देवताओं और पृथ्वी को भयभीत जानकर और उनके स्नेहयुक्त वचन सुनकर शोक और संदेह को हरने वाली गंभीर आकाशवाणी हुई॥186॥  …

पृथ्वी और देवतादि की करुण पुकार

पृथ्वी और देवतादि की करुण पुकार चौपाई : बाढ़े खल बहु चोर जुआरा। जे लंपट परधन परदारा॥मानहिं मातु पिता नहिं देवा। साधुन्ह सन करवावहिं सेवा॥1॥   भावार्थ:-पराए धन और पराई स्त्री पर मन चलाने वाले, दुष्ट, चोर और जुआरी बहुत…

रावणादि का जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार

रावणादि का जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार दोहा : भरद्वाज सुनु जाहि जब होई बिधाता बाम।धूरि मेरुसम जनक जम ताहि ब्यालसम दाम॥175॥   भावार्थ:-(याज्ञवल्क्यजी कहते हैं-) हे भरद्वाज! सुनो, विधाता जब जिसके विपरीत होते हैं, तब उसके लिए…

प्रतापभानु की कथा

प्रतापभानु की कथा चौपाई : सुनु मुनि कथा पुनीत पुरानी। जो गिरिजा प्रति संभु बखानी॥बिस्व बिदित एक कैकय देसू। सत्यकेतु तहँ बसइ नरेसू॥1॥   भावार्थ:-हे मुनि! वह पवित्र और प्राचीन कथा सुनो, जो शिवजी ने पार्वती से कही थी। संसार…

मनु-शतरूपा तप एवं वरदान

मनु-शतरूपा तप एवं वरदान दोहा : सो मैं तुम्ह सन कहउँ सबु सुनु मुनीस मन लाइ।रामकथा कलि मल हरनि मंगल करनि सुहाइ॥141॥   भावार्थ:-हे मुनीश्वर भरद्वाज! मैं वह सब तुमसे कहता हूँ, मन लगाकर सुनो। श्री रामचन्द्रजी की कथा कलियुग…

शास्त्री जयन्ती व लाल बहादुर शास्त्री स्मृति दिवस

लालबहादुर शास्त्री (जन्म: 2 अक्टूबर 1904 मुगलसराय (वाराणसी) मृत्यु: 11 जनवरी 1966 ताशकन्द (सोवियत संघ रूस)), भारत के दूसरे प्रधानमन्त्री थे। वह 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 को अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमन्त्री रहे। इस प्रमुख पद पर उनका कार्यकाल अद्वितीय रहा।शास्त्री जी ने काशी विद्यापीठ से…

गांधी जयंती यानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्मदिन

मोहनदास करमचन्द गांधी (Mahatma Gandhi) (जन्म:२ अक्टूबर १८६९; निधन:३० जनवरी १९४८) जिन्हें महात्मा गांधी के नाम से भी जाना जाता है, भारत एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे। वे सत्याग्रह (व्यापक सविनय अवज्ञा) के माध्यम से अत्याचार के प्रतिकार के अग्रणी नेता थे, उनकी इस…

वर्ल्ड वेजिटेरियन डे : बीमारियों से बचना है तो डाइट में फल-सब्जियां बढ़ा लें

मानव शरीर को काम करने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है। भोजन में मिलने वाले पौष्टिक तत्व से ही मनुष्य का शरीर काम करने के सक्षम बनता है। प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट , विटामिन तथा खनिज लवण जैसे जरूरी तत्वों…

विश्वमोहिनी का स्वयंवर, शिवगणों तथा भगवान्‌ को शाप और नारद का मोहभंग

विश्वमोहिनी का स्वयंवर, शिवगणों तथा भगवान्‌ को शाप और नारद का मोहभंग दोहा : आनि देखाई नारदहि भूपति राजकुमारि।कहहु नाथ गुन दोष सब एहि के हृदयँ बिचारि॥130॥   भावार्थ:-(फिर) राजा ने राजकुमारी को लाकर नारदजी को दिखलाया (और पूछा कि-)…

नारद का अभिमान और माया का प्रभाव

नारद का अभिमान और माया का प्रभाव दोहा : संभु दीन्ह उपदेस हित नहिं नारदहि सोहान।भरद्वाज कौतुक सुनहु हरि इच्छा बलवान॥127॥   भावार्थ:-यद्यपि शिवजी ने यह हित की शिक्षा दी, पर नारदजी को वह अच्छी न लगी। हे भरद्वाज! अब…