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रत्नों की उत्पत्ति के बारे में एक पौराणिक कथा

महर्षि पराशर ने राजा अमरीश के उत्तर में बताया कि दैत्य राजबली का वध करने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया राजा बलि के दंभ को चूर चूर किया तब भगवान विष्णु के तीसरे पद को उसके शरीर…

महर्षि पराशर ने राजा अमरीश के उत्तर में बताया कि दैत्य राजबली का वध करने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया राजा बलि के दंभ को चूर चूर किया तब भगवान विष्णु के तीसरे पद को उसके शरीर…

माँ श्री बाला त्रिपुर-सुन्दरी मां भगवती का बाला सुंदरी स्वरुप है. ‘दस महा-विद्याओ’ में तीसरी महा-विद्या भगवती षोडशी है, अतः इन्हें तृतीया भी कहते हैं । वास्तव में आदि-शक्ति एक ही हैं, उन्हीं का आदि रुप ‘काली’ है और उसी…

भगवान को अगर किसी युग में आसानी से प्राप्त किया जा सकता है तो वह युग है कलयुग। इस कथन को सत्य करता एक दोहा रामचरितमानस में तुलसीदास जी ने लिखा है नहिं कलि करम न भगति बिबेकू। राम…

मन पर नियन्त्रण करके शब्दों का उच्चारण करने की क्रिया को मन्त्र कहते है। मन्त्र विज्ञान का सबसे ज्यादा प्रभाव हमारे मन व तन पर पड़ता है। मन्त्र का जाप एक मानसिक क्रिया है। कहा जाता है कि जैसा रहेगा…

श्मशान में जब महर्षि दधीचि के मांसपिंड का दाह संस्कार हो रहा था तो उनकी पत्नी अपने पति का वियोग सहन नहीं कर पायीं और पास में ही स्थित विशाल पीपल वृक्ष के कोटर में 3 वर्ष के बालक को…

भए कुमार जबहिं सब भ्राता। दीन्ह जनेऊ गुरु पितु माता॥ गुरगृहँ गए पढ़न रघुराई। अलप काल बिद्या सब आई॥ भावार्थ:- ज्यों ही सब भाई कुमारावस्था के हुए, त्यों ही गुरु, पिता और माता ने उनका यज्ञोपवीत संस्कार कर दिया।…

यदि इस पृथ्वी पर उपलब्ध सर्वोत्तम खाद्य पदार्थों की बात की जाए तो तिल के तेल का नाम अवश्य आएगा और यही सर्वोत्तम पदार्थ बाजार में उपलब्ध नहीं है. और ना ही आने वाली पीढ़ियों को इसके गुण पता हैं।…

भगवान बुद्ध एक बार किसी गांव में रुके। गांव के लोग उनके दर्शन करने और उपदेश सुनने पहुंच रहे थे। कुछ ही दिनों में काफी लोग बुद्ध के उपदेश सुनने आने लगे थे। एक दिन बुद्ध के पास एक महिला…

अष्टावक्र की माता का नाम सुजाता था। उनके पिता कहोड़ वेदपाठी और प्रकांड पंडित थे तथा उद्दालक ऋषि के शिष्य और दामाद थे। राज्य में उनसे कोई शास्त्रार्थ में जीत नहीं सकता था। अष्टावक्र जब गर्भ में थे तब…

एक दिन ठाकुर जी ने ग्वालबालो से कहा की आज तो हम प्रभा काकी के यहाँ माखन चोरी करने चलेंगे, एक ग्वालियाँ ने कहा की लाला फिरतो आज हम एकादशी करेंगे, ठाकुर जी बोले क्यों ? बोले…