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देव पूजा विधि Part-12 लक्ष्मी-पूजन

आचमन प्राणायाम करके-   देशकालौ सङ्कीत्र्य.. स्थिरलक्ष्मीप्राप्त्यर्थं श्रीमहालक्ष्मीप्रीत्यर्थं सर्वारिष्टनिवृत्तिपूर्वकसर्वाभीष्टफलप्राप्त्यर्थम् आयुरारोग्यैश्वर्याभिवृद्धîर्थं व्यापारे लाभार्थं च गणपतिनवग्रह- कलशादिपूजनपूर्वकं श्रीमहाकाली-महालक्ष्मी-महासरस्वती-लेखनी-कुबेरादीनां च पूजनं करिष्ये कहकर जल छोड़े। पýात् गणपति, कलश और नवग्रहादि का  पूजन करके महालक्ष्मी का पूजन करें। ध्यान-ॐ या सा पद्मासनस्थाविपुलकटितटी पद्मपत्रायताक्षी            …

देव पूजा विधि Part-11 कुमारी-पूजन

नई सुबेह-संछिप्त समाचार

2 वर्ष से 10 वर्ष तक की कन्या का पूजन कर भोजन कराएँ। प्रार्थना-ॐ सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिस्वरूपिणि। पूजां गृहाण कौमारि! जगन्मातर्नमोऽस्तु ते।।             आरती-              ॐ नीराजनं सुमाङ्ल्यं कर्पूरेण समन्वितम्।                                     चन्द्रार्कवह्निसदृशं महादेवि नमोऽस्तु ते।। पुष्पांजलि-         ॐदुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः                                    …

पूजा-पाठ करते समय मन को भटकने नही देना चहिए

पूजा-पाठ करते समय मन को भटकने न देना चहिए

आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती को लाहौर में वैदिक धर्म की एक सभा में प्रवचन देने के लिए बुलाया गया था। वैसे तो वे समय के पाबंद थे, लेकिन एक दिन उन्हें आने में थोड़ी देर हो गई।…

देव पूजा विधि Part-10 नवरात्र में दुर्गा-पूजन की विधि

नवरात्र तिथि निर्णय – नवरात्र  शब्द से ही स्पष्ट है कि इसमें नौ दिनों से न होकर नौ (रात्री) तिथियाँ है। तिथियों का उल्लेख पञ्चाङ्ग स्पष्ट रूप से रहता है। नवरात्र की तिथि से तात्पर्य शक प्रतिपदा से नवमी-पर्यन्त होती…

देव पूजा विधि Part-9 पार्थिव-शिव-पूजन

पवित्र होकर संकल्प वाक्य के अन्त में पार्थिवलिङ्पूजनं करिष्ये कहकर संकल्प का जल छोडें।             भूमि-प्रार्थना-सर्वाधारे धरे देवि त्वद्रूपां मृत्तिकामिमाम्।             ग्रहीष्यामि प्रसन्ना त्वं लिङ्गार्थं भव सुप्रभे।।             ॐ ह्रां पृथिव्यै नमः।                         उद्धृतासि वराहेण कृष्णेन शतबाहुना।                         मृत्तिके त्वां…

देव पूजा विधि Part-8 शिव-पूजन

पवित्र होकर आचमन-प्रणायाम करके संकल्प-वाक्य के अन्त में  श्रीसाम्बसदाशिवप्रीत्यर्थं गणपत्यादिसकलदेवतापूजनपूर्वंक श्रीभवानीशङ्करपूजनं करिष्ये। कहकर संकल्प करें। नीचे लिखे  आवाहन मंत्रों से मूर्तियों के समीप पुष्प छोड़ें। मूर्ति न हो तो आवाहन करके पूजन करें। गणपति-पूजन-               आवाहयामि पूजार्थं रक्षार्थं च मम…

देव पूजा विधि Part-7 शालग्राम-पूजन

 शालग्राम तथा प्रतिष्ठित मूर्तियों में आवाहन न करें, केवल पुष्प छोडे़। आवाहन- ॐ सहश्रशीर्षा01 आवाहयामि आसन- ॐ पुरुषऽ एवेद Ủ0 आसनं समर्पयामि पाद्य- ॐ एतावानस्य0 पाद्यं समर्पयामि। अर्घ्य- ॐ त्रिपादूध्र्व0 अघ्र्यं समर्पयामि। आचमन- ॐ ततो विराडजायत0 आचमनं समर्पयामि। स्नान- ॐ…

देव पूजा विधि Part-6 नवग्रह-स्थापन एवं पूजन

वेदी पर श्वेत वस्त्र बिछाकर उसके ऊपर ग्रहों की स्थापना के लिये ईशानकोण में चार खड़ी पाइयों और चार पड़ी पाइयों का चैकोर मण्डल बनाये। इस प्रकार नौ कोष्ठक बन जायेंगे। बीच वाले कोष्ठक में सूर्य, अग्निकोण में चन्द्र, दक्षिण…

देव पूजा विधि Part-5 नान्दीश्राद्ध प्रयोग

आचमन, प्राणायाम कर सङ्कल्प ॐ अद्येत्यादि देशकालौ संकीत्र्य कर्तव्यामुककर्माङ्गत्वेन साङ्कल्पिकेन विधिना ब्राह्मणयुग्म-भोजन-पर्याप्तान्न निष्क्रयीभूत-यथाशक्ति-हिरण्येन नान्दीमुखश्राद्धमहं करिष्ये। हाथ जोड़कर तीन बार निम्नोक्त का पाठ करें-ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः। श्राद्धकाले गयां ध्यात्वा ध्यात्वा देवं गदाधरम्।…

देव पूजा विधि Part-4 षोडशमातृका आदि-पूजन

चित्रानुसार सोलह कोष्ठक बनायें। पश्चिम से पूर्व की ओर मातृकाओं का आवाहन और स्थापन करे। कोष्ठकों में रक्त चावल, गेहूँ या जौ रख दे एवं निम्नाङ्कित मन्त्रा पढ़ते हुए आवाहन करें। षोडशमातृका-चक्र  पूर्व             आत्मनः कुलदेवता          लोकमातारः       देवसेना     …